जहाँ सतगुरु कृपा, वहाँ सच्चा ज्ञान सतगुरु_कृपा निरंकारी_विचार आध्यात्मिक_ज्ञान:- सुरजीत सिंह
अपना शहर गढ़मुक्तेश्वर

■- सच्चा_ज्ञान आत्मिक_शांति भक्ति जीवन का दिया संदेश ■- गढ़ नगर के कश्यप भवन में हुआ सत्संग
By:Robin Sharmaहापुड़। गढ़मुक्तेश्वर नगर के मीरा रेती क्षेत्र में स्थित कश्यप भवन में शुक्रवार को संत निरंकारी मंडल दिल्ली के तत्वाधान में सत्संग हुआ। जिसमें नगर समेत आसपास के क्षेत्रों से पहुंची संगत ने प्रतिभाग किया। इस दौरान लोगों को सतगुरु का पावन संदेश दिया गया।दिल्ली से पधारे संत सुरजीत सिंह नशीला ने कहा कि संत निरंकारी मिशन के उपदेशों का मुख्य केंद्र ईश्वर का ज्ञान, मानव एकता, भाईचारा और सेवा की भावना को जागृत करना है। उन्होंने कहा कि मिशन में विषेष धर्म, संप्रदाय से परे हटकर मानवता को सर्वोपरि माना जाता है। सुरजीत सिंह ने कहा कि निराकार ईश्वर को केवल सतगुरु की कृपा से ही जाना जा सकता है। इसके अलावा कोई अन्य मार्ग नहीं है। हमें अपने मन और बुद्धि को निस्वार्थ भाव से ईश्वर को सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य वही है, जो मानवता के मूल्यों जिनमें प्रेम, करुणा, दया जैसे भाव हो और वह मानवता का निर्वहन करे। सुरजीत सिंह ने कहा कि सदगुरु की कृपा पाने और ईश्वर प्राप्ति के लिए यह जरूरी नहीं है कि घर और सांसारिक त्याग किया जाए। बल्कि संसार के मध्य में रहकर जरूरतमंदों की सेवा करना और सतसंग करने से ईश्वर की प्राप्ति संभव हो सकती है। उन्होंने सभी को निस्वार्थ भाव से सेवा करने, सामाजिक सौहार्द, एकता स्थापित करने का संदेश भी दिया। इस दौरान स्थानीय मुखी महात्मा राजू, ओमप्रकाश, लखमी चंद, संतोष, ऊषा आदि मौजूद रहे।







