श्रद्धांजलि: खामनोई की हत्या से गम और गुस्से का माहौल जारी
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■- शिया नगर रझेटी में मनाया गया मातम ■- कैंडल मार्च निकालकर दी गई श्रद्धांजलि ■- उलेमा ने सब्र और संयम का आह्वान किया
By:Robin Sharmaहापुड़। ईरान के सुप्रीम लीडर खामनोई की हत्या को लेकर गम और गुस्से के माहौल के बीच शिया समुदाय ने गहरा दुख जताते हुए कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी।
सुप्रीम ईरानी लीडर आयतुल्लाह खामनोई की अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में हुई मौत को लेकर शिया समुदाय में गम और गुस्से का माहौल बना हुआ है। शिया नगर के नाम से प्रसिद्ध बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव रझेटी में सैकड़ो लोग इकट्ठे हुए, जिन्होंने खामनोई की हत्या पर गहरा दुख जताते हुए अमेरिका और इजरायल की कड़े शब्दों में निंदा की। इस दौरान सैकड़ो लोगों ने कैंडल मार्च भी निकाला, जिसमें युवा वर्ग अपने हाथों में नारे लिखी हुई तख्तियां हाथ में लिए हुए थे। जिन पर जब तक सूरज चांद रहेगा खामनोई तुम्हारा नाम रहेगा। तुम्हारी मौत का बदला लेकर रहेंगे लेकर रहेंगे। अमेरिका, इसराइल और उनके मददगार मुल्कों को मिट्टी में मिला देंगे जैसे नारे लिखे हुए थे। पूर्व प्रधान अली हसन, नाजिम हुसैन, जव्वाद हुसैन ने फिलिस्तीन और गाजा पट्टी में मासूम बच्चे और औरतें का कटले आम मचाने के बाद ईरान पर बमों से हमला करने वाले इसराइल और अमेरिका का साथ दे रहे मुस्लिम मुल्कों पर लानत भेजते हुए एक दिन खुद भी इसका खामियाजा भुगतने का दावा किया। इसके उपरांत जामा मस्जिद में मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें खिताब करते हुए मौलाना बाकिर रजा सैय्यदी ने ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामनोई की हत्या को गरीब मजलूमों के साथ ही मजहबे इस्लाम के लिए बहुत बड़ा आघात बताया। उन्होंने सब्र और संयम से काम लेते हुए दिवंगतो की मेफिरत को दुआ और गरीब मजलूमों में खैरात, जकात, फितरा बांटकर अमन और अमान की दुआ करने का आहवान भी किया।







