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कार्तिक पूर्णिमा मेला: सीएम के आगमन से बदलेगी मेले की सीरत और सूरत- राजकुमार (राजू)

-बेहतर सुविधा मिलने से श्रद्धालुओं की संख्या में होगा इजाफा -भूमि कटान की रोकथाम को भी होंगे व्यापक बंदोबस्त

By:Robin Sharma

गढ़मुक्तेश्वर। मुख्यमंत्री का आगमन होने से महाभारत कालीन पौराणिक गढ़ गंगा मेले की सीरत और सूरत बदलने के साथ ही बेहतर सुविधा मिलने से श्रद्धालुओं की संख्या में भी काफी इजाफा होगा। बरसात के सीजन में होने वाले भूकटान की रोकथाम होने से किसानों के दिन भी बहुर जाएंगे। गढ़ गंगा के कार्तिक पूर्णिमा स्नान मेले के साईं धाम कैंप में रविवार को पत्रकार वार्ता का आयोजन हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए सहारनपुर से आए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर एवं भाजपा प्रवक्ता राजकुमार राजू ने कहा कि गढ़ गंगा के कार्तिक पूर्णिमा खादर मेले का अतीत महाभारत काल के विनाशकारी युद्ध से जुड़ा हुआ है, जिसमें वीरगति को प्राप्त हुए असंख्यक वीर योद्धा और सगे संबंधियों की आत्मा शांति को पांडवों ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ गढ़ गंगा किनारे आकर विभिन्न अनुष्ठान किए थे। तब जाकर उनके व्याकुल मन को शां‍ति मिलने के साथ ही राजपाठ के प्रति चल रही उदासीनता दूर हो पाई थी। राजकुमार राजू ने कहा कि इस पौराणिक मेले का सबसे प्रमुख पर्व दीपदान है, जिसके अंतर्गत कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी संध्या में एक साल के भीतर दिवंगत होने वालों की आत्मा शांति को गंगा मैया की जलधारा में दीपदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ इस पौराणिक मेले को लेकर बेहद गंभीर हैं, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासनिक कार्य और कानून व्यवस्था में पूरी तरह व्यस्तता होने के बाद भी उन्होंने मेले में आकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही गंगा मैया का पूजन और आरती की है। उन्होंने दावा किया कि अब वह दिन ज्यादा दूर नहीं है, जब गढ़ गंगा का पौराणिक खादर मेला मिनी कुंभ के रूप में अपनी पहचान बनाकर विदेशी पर्यटकों में आकर्षण का बड़ा केंद्र बन जाएगा। भाजपा नेता एवं जिला पंचायत के पूर्व चेयरमैन सतपाल यादव ने दावा किया कि मुख्यमंत्री का आगमन होने से मेले की रंगत में चार चांद लगने के साथ ही बेहतर सुविधा मिलने से श्रद्धालुओं की संख्या में बड़े स्तर पर इजाफा होना तय है। इसके अलावा बरसात के सीजन में गंगा नदी में आने वाली बाढ़ के दौरान होने वाले भूकटान की रोकथाम को लेकर व्यापक दिशा निर्देश दिए जाने से किसानों की हालत में भी बड़े स्तर पर सुधार होने के साथ ही उनकी फसल और कृषि भूमि पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी। राजकुमार राजू ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मेले में आने वालों से बेहतर व्यवहार करने को लेकर विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं, ​जिससे बाहरी जनपदों से आने वाली पुलिस की मनमानी पर भी काफी हद तक रोक लगेगी। राजू ने कहा कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री योगी ने सन 2018 में इस पौराणिक मेले को राजकीय मेला का दर्जा देते हुए सबसे पहले मुख्यमंत्री के रूप में यहां आकर कई तरह के टैक्स समाप्त किए थे, जिससे श्रद्धालुओं के साथ ही व्यापारिक प्रतिष्ठान चलाने वालों को बड़ी राहत मिली है।

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