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दहशत: दर्जनों गांव की आबादी में भरा बाढ़ का पानी, बाढ़ के पानी में पैदल घुसकर डीएम ने किया निरीक्षण

बाढ़ के निशान से ऊपर बह रही है गंगा, कोतवाली प्रभारी नीरज कुमार ने टीम के साथ कई जगह किया राशन वितरण। मदद न मिलने पर कई जगह नाराज दिखे ग्रामीण। खादर के लोगों का जीवन हुआ अस्तव्यस्त। पशुओं के चारे की बड़ी किल्लत बीमारियों का भी खतरा मंडराया। प्रशासन सतर्क अधिकारी लगातार ग्रामीणों को कर रहे हैं जागरूक

By:Robin Sharma

गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़। पहाड़ों पर बादल फटने और मैदानी इलाकों में हो रही वर्षा के कारण गंगा ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। और गंगा का वर्तमान में रूद्र रूप है गंगा ने अपना आंचल गांव की ओर तक फैला दिया है, खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा के रौद्र रूप को देखकर ग्रामीण अचंभित हैं, वही अधिकारी भी अब जहां-जहां गंगा का पानी गांव में भर गया है वहां जाकर निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी देकर लोगों को जागरूक होने की अपील कर रहे हैं, पिछले 48 घंटे में गंगा के रौद्र रूप ने लोगों के जीवन को खतरा पैदा कर दिया है। गंगा बाढ़ के जलस्तर को पार करके गांवों एवं घरों तक पहुंच गई है। जिससे खादर क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है,इसके कारण गंगा खादर की तलहटी में बसे लोगों में दहशत पनप गई है। पिछले चार दिनों से बाढ़ के कारण लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया है तथा वह जलभराव के बीच जीने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों की मदद ठीक से नहीं होने के कारण प्रशासन के खिलाफ लोगों में आक्रोश पनप रहा है।

गढ़मुक्तेश्वर गंगा खादर क्षेत्र की तलहटी में बसे नयागांव इनायतपुर, गड़ावली, आलमपुर भगवंतपुर, बागड़पुर, कुदैनी की मंढैया, रामपुर न्यामतपुर, शाकरपुर, लठीरा गढ़ खादर, गंगा नगर टापू, नया गांव इनायतपुर, अब्दुल्लापुर, चक लठीरा, नया बांस आदि गांवो के साथ ही तीर्थ नगरी ब्रजघाट के पास गंगा टापू पर बसे गंगानगर में बाढ़ का कहर बढ़ गया है। गंगानगर को जाने संपर्क मार्ग पर चारों तरफ जलभराव होने के कारण वहां जाने का संपर्क मार्ग पूर्ण रूप से कट गया है। यहां आने जाने के लिए लोगों को सिर्फ नाव का सहारा रह गया है। जलभराव के गांवों में दिन तो लोग किसी तरह काट रहे है, लेकिन रात उनके लिए मुसीबत का सबब बन गई है।

शनिवार को गंगा का जलस्तर बाढ़ के निशान 199.33 सेंटीमीटर को पार करके 199.44 चला गया था। जिसके बाद एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था। इसके बाद शनिवार को इसमें और अधिक तेजी देखी गई, जिसके बाद गंगा का जलस्तर 199.57 सेंटीमीटर तक पहुंच गया। इस तरह पिछले 48 घंटों में बाढ़ का पानी खतरनाक स्तर से 24 सेंटीमीटर ऊपर चल रहा है।

मदद नहीं मिलने से नाराज ग्रामीण

पिछले चार दिनों से गंगा तलहटी के गांवों में बाढ़ का पानी कहर बरपा रहा है। जंगल एवं घरों में जलभराव के बीच लोग दिन रात डर के साएं में जी रहे है। घरों में जलभराव के कारण अनेक लोगों को छत पर रात गुजारने को मजबूर हो रहे हैं। इस बीच शनिवार को वर्षा के कारण लोगों के सामने और मुसीबत खड़ी हो गई। लोगों को वर्षा एवं जलभराव के बीच दोहरी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।

खाने के पैकेट का वितरण करते अधिकारी

पिछले चार दिनों से बाढ़ में जीवन यापन कर रहे लोगों को प्रशासन द्वारा शनिवार की दोपहर तक भी कोई मदद नहीं मिली तो इंटरनेट मीडिया पर प्रशासन के खिलाफ लोगों ने भडास निकालनी शुरू कर दी।

पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था

इसके बाद एसडीएम श्रीराम यादव, तहसीलदार राहुल कुमार ने टीम के साथ आनन फानन में दोपहर बाद गांवों में लोगाें के लिए राशन किट एवं पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था शुरू कर दी।

कोतवाली प्रभारी नीरज कुमार ने गढ़ पुलिस टीम के साथ पहुंचकर किया राशन वितरण

गढ कोतवाल पुलिस कर्मीयों के साथ खाद्य पदार्थ को वितरण के लिए लेकर जाते हुए

गढ़ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार के नेतृत्व में गढ़ पुलिस ने गंगानगर शहीद कई गांव में राशन वितरण किया। इसके बाद खादर क्षेत्र के लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली, कोतवाली प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि जहां तक भी गढ़ पुलिस से हो सकेगा बाढ़ से पीड़ित लोगों की वहां तक गढ़ पुलिस हर कीमत पर मदद करेगी, खाद्य सामग्री पहुंचाने के बाद वहां की महिलाओं ने पुलिस कर्मियों के रांखी बांध कर रक्षा बंधन का त्योहार मनाया।

नक्के कुएँ के पास गंगा द्वारा तक पहुंच गया बाढ़ का पानी

करीब 12 साल बाद गंगा का जलस्तर गंगा द्वारा मेला मार्ग पर पहुंच गया है। यहां से रोजाना दर्जनों गांवों के लोगों को आने जाने में कठिनाई हो रही है। लोगों को जलस्तर में पैदल भीग कर आने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

भाई-बहन के अटूट प्रेम में बांधा बना गंगा का जलस्तर, ट्रैक्टर और नावों से राखी बांधने पहुंची बहने

गंगा का जलस्तर खादर क्षेत्र के गांव नयागांव, भगवंतपुर, घेर, मिश्रीपुर, काकठेर की मढैंया, लठीरा, शेरा कृष्णा वाली मढैंया, चक लठीरा, नयाबांस, छोटी गढ़ावली, बड़ी गढ़ावली के जंगल से होकर आबादी के निकट पहुंच गया। सड़कों पर भी करीब दो से तीन फीट जलभराव हो रहा है। बाइकों से जाना भी खतरे से खाली नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में रक्षा बंधन पर राखी बांधने के लिए आई बहन बेटियों के लिए गंगा का पानी सड़कों पर भरे होने से बांधा बना, और कई बहने तो ट्रैक्टर ट्राली और नावों का सहारा लेकर भाइयों के पास राखी बांधने पहुंची।

ग्रामीणों के ट्रैक्टर ट्राली और नाव बन रहे है सहारा

गंगा का जलस्तर कई स्थानों पर इतना अधिक है कि बाइकों से जाना खतरे से कम नहीं है। ऐसे में गांव से आने जाने वाले ग्रामीण वहां से गुजरने वाले ट्रैक्टर ट्राली का सहारा ले रहे है। कई कई घंटे तक लोगों को उनका इंतजार करना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने दवा का वितरण किया

गंगा के बीच टापू पर बसें गांव गंगा नगर में जलस्तर की स्थिति बेहद ही खराब है। यहां रहने वाले 120 परिवार के लोगों को सुविधा देने के लिए अधिकारियों के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई है। उन्होंने ग्रामीणों को आवश्यकता अनुसार दवाइयों का वितरण किया।

बाढ़ के पानी में पैदल घुसे डीएम और तहसीलदार

बाढ़ के पानी में घुसकर निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी

बाढ़ के पानी को देखते हुए शनिवार की दोपहर डीएम अभिषेक पांडेय गंगा खादर के गांवों में पहुंच गए। यहां उन्होंने बाढ़ के पानी के बीच से निकलकर ग्रामीणों से वार्ता की तथा लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

अधिनस्थों को जरूरी दिशा निर्देश देते हुए जिलाधिकारी

इस दौरान उन्होंने अधिनस्थों को जरूरी दिशा निर्देश देते हुए बाढ़ चौकियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए तथा यदि कोई कर्मचारी अथवा अधिकारी लापरवाही करता पाया जाए तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बाढ़ पीड़ितों के बीच जिलाधिकारी

क्या बोले अधिकारी

गंगा के जलस्तर में निरंतर बढ़ोतरी होना चिंता का विषय है, जिन घरों में जलभराव हो गया है,उनको राहत किट दे दी जा रही है, जहां आने-जाने में कठिनाई हो रही है वहां नाव की सुविधा कराई जा रही है, स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी गांव में भेजा जा रहा है, इससे अलग जरूरतमंद लोगों के पास खाद्य सामग्री भिजवाई जा रही है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार निरीक्षण कर लोगों को जागरुक कर रहे हैं।-एसडीएम गढ़, श्रीराम यादव

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