Blogआस्थाउत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेशएक्सक्लूसिव खबरेंदिल्ली एनसीआरहापुड़

महाशिवरात्रि: 15 फरवरी यानी रविवार को मनाया जाएगा महाशिवरात्रि का पर्व

जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक महत्व

By:Robin Sharma

हापुड़। सनातन परंपरा में शिव पूजा के लिए महाशिवरात्रि का पर्व सबसे उत्तम माना गया है, हिंदू मान्यता के अनुसार इसी पावन तिथि पर महादेव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, मान्यता यह भी है कि इसी पावन रात्रि पर भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। इस वर्ष भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे उत्तम मानी जाने वाली महाशिवरात्रि 15 फरवरी यानी रविवार को है।

महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व

मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने माता पार्वती से विवाह किया था। यह दिन तप और त्याग के साथ गृहस्थ जीवन के संतुलन का प्रतीक है।

आत्मशुद्धि और ऊर्जा का पर्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात्रि में ब्रह्मांडीय ऊर्जा अपने चरम पर होती है। इस समय की साधना और मंत्र जाप से आत्मिक उन्नति और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

पापों से मुक्ति

श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने तथा जागरण करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और साधक को पुण्य की प्राप्ति होती है।

महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का समय

पहला प्रहर: सायंकाल 06:01 से रात्रि में 09:09 बजे तक

दूसरा प्रहर: रात्रि में 09:09 से लेकर 16 फरवरी 2026 को 00:17 बजे तक

तीसरा प्रहर: 16 फरवरी 2026 को पूर्वाहन 00:17 से लेकर 03:25 बजे तक

चौथा प्रहर: 16 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 03:25 से लेकर प्रात: 06:33 बजे तक

निशीथ काल की पूजा समय: रात्रि को 11:52 से लेकर अगले दिन 16 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 12:42 बजे तक

Related Articles

Back to top button