तबीयत खराब होने के बाद भी अस्पताल में अनशन जारी
अपना शहर गढ़मुक्तेश्वर

□– टोल के खिलाफ तहसील से अस्पताल तक आमरण अनशन जारी □- पुलिस द्वारा उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया, फिर भी अनशन जारी □- डीएम के हाथ से पानी पीने के बाद अनशन तोड़ने की बात कही
By:Robin Sharmaहापुड़। गढ़मुक्तेश्वर तहसील परिसर में टोल के विरोध में शुरू हुआ पंकज लोधी का आंदोलन अब जिद और जनसंघर्ष की मिसाल बनता जा रहा है। 25 दिनों से अनशन पर बैठे पंकज लोधी को देर रात पुलिस ने धरना स्थल से तबीयत खराब होने के बाद उठाकर मेरठ के अस्पताल में भर्ती करा दिया, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद भी उनका संकल्प नहीं डिगा। अस्पताल के बेड पर भी उन्होंने अपना अनशन जारी रखा और पानी तक पीने से इंकार कर दिया, जिससे टोल के खिलाफ उनका विरोध और भी तेज़ व अडिग नजर आया। हालांकि इस दौरान उन्होंने डीएम अभिषेक पांडेय के हाथों से जल पीने के बाद अनशन खत्म करने की बात कहीं है।
क्षेत्र के गांव अल्लाबख्शपुर में स्थित टोल प्लाजा को हटाने के लिए पंकज लोधी द्वारा निंरतर धरना प्रदर्शन किए जा रहे है। 10 मार्च से वह निरंतर आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। तभी से उनको मनाने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी काफी प्रयास कर रहे थे। लेकिन उन्होंने किसी की एक न सुनी और अपनी मांगों पर अड़े रहें। बृहस्पतिवार को उनकी सेहत खराब होने पर पुन एसडीएम श्रीराम सिंह ने उनको धरने से उठने की अपील की, लेकिन वह नहीं माने। देर शाम को उनकी सेहत काफी खराब हुई तो उनको पुलिस ने एंबुलेंस से मेरठ कें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान कुछ लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कोतवाली पहुंच कर हंगामा करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के समझाने के बाद मामला शांत हो सका। वहीं शुक्रवार को भी अस्पताल के बेड पर उपचाराधीन पंकज लोधी ने अपना आमरण अनशन जारी रखा और किसी भी सूरत में अनशन न तोड़ने की बात कहीं। हालांकि उनकी मांग की है कि यदि डीएम अभिषेक पांडेय वहां आए और उनकी मांगों को सुनकर उनको अपने हाथ से पानी पिलाए तो वह अपना अनशन तोड़ सकते है। इस संबंध में एसडीएम श्रीराम सिंह ने बताया कि पंकज लोधी का उपचार किया जा रहा है। उनकी मांगों को लेकर संबंधित विभाग को पत्राचार किया गया है। हालांकि अब यदि उनकी कोई मांग सामने आएगी तो जनपदीय आला अधिकारी को सूचित किया जाएगा।







