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बम-बम भोले की राह में रोड़े, कांवड़ यात्रा मार्ग बदहाल, शिव भक्तों की बढ़ी चिंता

शिव भक्तों को अत्यधिक जख्म देंगे बदहाल सड़कों के गड्ढे

By:Robin Sharma

हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शिव भक्तों में उत्साह चरम पर है। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों कांवड़िए हरिद्वार समेत अन्य गंगाघाटों से गंगा जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर लौटेंगे। हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में मेरठ मार्ग और बुलंदशहर मार्ग सहित सभी प्रमुख शिव मंदिरों पर कांवड़ चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हालांकि, इस पावन यात्रा से पहले ही कांवड़ यात्रा मार्गों और मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की बदहाल स्थिति ने शिव भक्तों की चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि मेरठ मार्ग और बुलंदशहर मार्ग और शिवालय तक जाने वाली सभी सड़कों में गहरे गड्ढे हो रहे हैं, और जिम्मेदारों की नजर वहां तक नहीं पहुंच पा रही है। क्षेत्र के कई इलाकों में सड़कें कंकड़-पत्थरों और गड्ढों से भरी हुई हैं। कहीं मार्ग टूटे पड़े हैं तो कहीं मंदिरों तक पहुंचने के रास्ते जर्जर हालत में हैं। जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के चलते इस बार शिव भक्तों को कठिनाइयों भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ सकता है। नंगे पांव चलने वाले कई कांवड़िए इन कंकड़-पत्थरों और गड्ढों की वजह से चोटिल भी हो सकते हैं। ऐसे में आस्था की यात्रा में अव्यवस्थाएं रोड़ा बनती नजर आ रही हैं। कांवड़ सेवा समितियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि महाशिवरात्रि से पहले कांवड़ यात्रा मार्गों और मंदिर मार्गों की मरम्मत कराई जाए, ताकि शिव भक्त सुरक्षित और सुगमता से जलाभिषेक कर सकें। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए यह कार्य प्राथमिकता पर कराया जाना चाहिए।

कांवड़ियों के लिए खस्ताहाल सड़कें बनेंगी परीक्षा

महाशिवरात्रि पर्व को लेकर कांवड़ यात्रा की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं, लेकिन हापुड़ जिले में कई प्रमुख मार्गों की बदहाल स्थिति शिव भक्तों की आस्था की राह में बाधा बनती नजर आ रही है। हर वर्ष महाशिवरात्रि पर हजारों शिव भक्त कांवड़ लेकर मेरठ गढ़ मार्ग से होकर गुजरते हैं, लेकिन इस बार इस मार्ग पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। और नंगे पैर चलने वाले भोले के भक्तों को बजरी और टूटे सड़कों में गड्ढे अत्यधिक जख्म देने वाले हैं।

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