कार्तिक पूर्णिमा मेला: ड्रोन की निगरानी में रहेगा मेला स्थल

हापुड़। बाढ़ के बाद बदली गंगा की जलधारा के कारण इस बार कार्तिक पूर्णिमा मेले का स्वरूप भी बदल गया है। मेला चौड़ाई में कम और लंबाई में ज्यादा बसाया जा रहा है। मेले की तैयारी जोरो शोरो से चल रही हैं। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने खाका तैयार कर लिया है। मेले में आने वाले श्रद्धालु की सुरक्षा को लेकर खड़े इंतजाम किए जाएंगे। करीब 20…22 सेक्टर में बसने वाले तिगरी मेले में 300 से भी ज्यादा सीसीटीवी कैमरों और दो ड्रोन से निगरानी की जा रही है।जिससे मेले में होने वाली हर गतिविधि पर पुलिस की नजर रहेगी। सुरक्षा के लिए मुस्तैद पुलिसकर्मियों, अफसरों, मेले की देखरेख कर रहे सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों के बीच समन्वय एवं संपर्क (कनेक्टिविटी) बनाए रखने के लिए पुलिस इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंट्रोल रूम के 24 घंटे संचालन के लिए करीब 30 पुलिसकर्मियों का स्टाफ तैनात है। मेले में सुरक्षा के लिए तैनात 250 से 300 पुलिसकर्मियों के पास कंट्रोल रूम के हैंडसेट रहेंगे। इसके अलावा घाट पर मुस्तैद फ्लड पीएसी, दमकलकर्मियों और घुड़सवार पुलिसकर्मियों को भी हैंडसैट दिए जाएंगे जिससे जरूरत पड़ने पर वह तुरंत मौके पर पहुंच सकें।
मालूम रहे कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एतिहासिक गढ़ मेले में इस बार आस्था का अद्भुत संगम दिखाई पड़ेगा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। कार्तिक पूर्णिमा पर गढ़ गंगा में 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। सैकड़ों बीघा जमीन में तंबुओं की नगरी बसती है। एडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि इस वर्ष मेला 25 अक्तूबर से छह नवंबर तक चलेगा और कार्तिक पूर्णिमा पर मुख्य स्नान पांच नवंबर की सुबह होगा। इस दौरान चप्पे चप्पे पर ड्रोन कैमरो से भी निगरानी की जाएगी।







