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भेदभाव कर सुविधा देने का आरोप, बाढ़ से पीड़ित लोगों ने तहसील मुख्यालय पर किया जमकर हंगामा

By:Robin Sharma

गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़। गंगा खादर की तलहटी में बसे गड़ावली एवं नयाबांस गांव की बाढ़ प्रभावित लोगों ने तहसील मुख्यालय में सोमवार को जमकर हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों पर पशुओं का चारा न उपलब्ध कराने का आरोप लगाया। नाराज ग्रामीणों को तहसीलदार ने पूरे मामले की जांच करने एवं चारा उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर शांत किया।

तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गड़ावली एवं नयाबांस के लोगों का प्रशासन की अनदेखी एवं भेदभाव पर सोमवार को आक्रोश फूट पड़ा। पशुओं को भूखा तड़पता देख उनका धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रालियों के माध्यम से बाढ़ के बीच से निकलकर तहसील मुख्यालय पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का कहना था कि भूसा एवं हरा चारा लेकर जा रहे अधिकारी और कर्मचारी रुपये लेकर चारा दे रहे हैं। यदि पैसे नहीं दो तो पशु पालकों को चारा नहीं दे रहे हैं।

जंगल में कई फिट पानी होने के कारण उनके चारे की फसल नष्ट हो चुकी है। वहीं, प्रशासन द्वारा उनको चारा नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण उनके पशु भूख से तड़फ रहे है। उन्होंने अधिकारियों पर मदद के नाम पर शोषण करने एवं आपदा में भी अवसर उठाने का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ता देख तहसीलदार राहुल कुमार नाराज ग्रामीणों के बीच पहुंचे तथा पूरे मामले की जांच कराने एवं चारे की व्यवस्था का आश्वासन देकर उनको घर वापस भेजने के लिए प्रयासरत दिखाई दिए। गड़ावली एवं नयाबांस के ग्रामीणों द्वारा हंगामा करना इस बात का साफ संकेत दे रहा है कि प्रशासन की मदद से ग्रामीण खुश नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारी एवं कर्मचारी सहायता राशि में भी बंदरबाट कर रहे हैं तथा पैसे देने वाले लोगों की सहायता कर रहे हैं। बता दे कि नयागांव इनायतपुर, गड़ावली, आलमपुर भगवंतपुर, बागड़पुर, कुदैनी की मंढैया, रामपुर न्यामतपुर, शाकरपुर, लठीरा गढ़ खादर, गंगा नगर टापू, नया गांव इनायतपुर, अब्दुल्लापुर, चक लठीरा, नया बांस आदि दर्जनों गांवों में बाढ़ कहर बरपा रही है। बाढ़ के कारण लोगों को आवागमन के लिए नाव अथवा ट्रैक्टर आदि का सहारा लेना पड़ रहा है। फसल जलमग्न होने के कारण नष्ट हो गई है। जंगलों में दो से पांच फिट तक पानी भरा हुआ है।

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