नौ अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन का त्यौहार, जानिए! शुभ मुहूर्त और बोलना है क्या मंत्र

हापुड़। रक्षाबंधन के त्योहार पर भाई की कलाई पर बहने रक्षा सूत्र बांधती हैं। इसके बदले में बहनों की रक्षा करने का वचन उनके भाई देते हैं। इसके साथ ही बहनों को उनके स्नेह के प्रतीक के रूप में भाई कुछ उपहार या पैसे भी देते हैं। यह त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस साल 9 अगस्त 2025 के दिन राखी मनाई जाएगी। दरअसल, श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त शुक्रवार को दोपहर 2:12 पर शुरू होगी। मगर, उदिया तिथि न होने के कारण 8 तारीख को रक्षाबंधन का त्योहार नहीं मनाया जाएगा।
पूर्णिमा तिथि 9 अगस्त को दोपहर 1:21 तक रहेगी। ऐसे में उदिया तिथि को लेते हुए रक्षाबंधन 9 अगस्त शनिवार के दिन मनाया जाएगा।
ऐसे हुई रक्षाबंधन की शुरुआत
ऐसी मान्यता है कि श्रावणी पूर्णिमा या संक्रांति तिथि को राखी बांधने से बुरे ग्रह कटते हैं। श्रावण की अधिष्ठात्री देवी द्वारा ग्रह दृष्टि-निवारण के लिए महर्षि दुर्वासा ने रक्षाबंधन का विधान किया।
राखी में तीन गांठें क्यों बांधी जाती हैं?
रक्षाबंधन में आपने अक्सर देखा होगा कि भाई की राखी में हमेशा 3 गांठें लगाई जाती हैं। इसके पीछे का कारण बेहद खास है। ऐसी मान्यता है कि इन तीन गांठों का सीधा संबंध त्रिदेव यानी बह्मा, विष्णु और महेश से है। साथ ही यह सुख और सौभाग्य का प्रतिनिधित्व करती हैं।
राखी बांधते समय बोलें यह मंत्र
एक थाली में राखी, रोली, चावल और मिठाई लेकर बहनें भाई के माथे पर पहले टीका करें। इसके बाद चावल माथे पर लगाएं। फिर भाई की कलाई पर राखी बांधें। इस दौरान बहनों को ये मंत्र बोलना चाहिए…येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल। इसका अर्थ है कि जिस धागे या रक्षासूत्र से दानवों के महाबली राजा बलि को बांधा गया था। उसी धागे या रक्षासूत्र से मैं तुम्हें भी बांधती हूं। हे रक्षासूत्र तुम स्थिर रहना, तुम अडिग रहना। तुम मेरे भाई की रक्षा करते रहना।
नहीं रहेगा भद्रा का साया
पंडित विनोद कुमार शास्त्री ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन के मौके पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। भद्रा काल 8 अगस्त को दोपहर 2:12 मिनट से 9 अगस्त को सुबह 1:52 मिनट पर रहेगा। ऐसे में 9 अगस्त को राखी के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा। इसलिए बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए करीब 8 घंटे का समय मिलेगा।







