गणपति बप्पा के मूर्ति विसर्जन को लेकर उमड़ रही भक्तों की भीड़
हापुड़। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत महानगरों से उमड़ रही भक्तों की भीड़ वैकल्पिक तालाब के साथ ही मध्य गंग नहर के तयशुदा स्थानों पर गणपति का विसर्जन कर रहे हैं, क्योंकि गंगा में विसर्जन रोकने के पुलिस द्वारा पूरी सख्ती अपनाई हुई है। अनंत चतुर्दशी के उपलक्ष्य में मंगलवार को गणपति बप्पा मोरया एक वर्ष के लिए विदा हो जाएंगे। जिसके चलते दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत महानगरों से भक्तों की भीड़ उमडऩे के कारण मूर्तियों के विसर्जन में बड़े स्तर पर तेजी आ गई है। विभिन्न वाहनों में सवार होकर आ रहे भक्तों के जत्थे ढोल नगाड़ों की थाप के बीच गणपति के भजनों पर परंपरागत नृत्य के साथ ही रंगों की होली खेलते हुए मूर्तियों का वैदिक रीति रिवाज से विसर्जन कर रहे हैं। ब्रजघाट में श्मशान घाट के पास वैकल्पिक तालाब के साथ ही गांव दौताई और अठसैनी के पास मध्य गंग नहर के तयशुदा स्थानों पर गणपति का विसर्जन किया जा रहा है, जिससे हर तरफ गणपति बप्पा के जयकारे गूंज रहे हैं। काफी संख्या में भक्त ब्रजघाट तीर्थनगरी में भी पहुंच रहे हैं, परंतु पुलिस द्वारा एनजीटी के आदेशों का हवाला देते हुए उन्हें सख्ती के साथ गंगा में मूर्ति विसर्जन करने से रोका जा रहा है। जिसको लेकर काफी भक्त तकरार पर भी उतारू हो रहे हैं, परंतु इसके बाद भी पुलिस की सख्ती के चलते उन्हें बैरंग लौटकर पुलिस और प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर ही मूर्तियों का विसर्जन करना पड़ रहा है। एसडीएम साक्षी शर्मा और सीओ वरुण मिश्रा का कहना है कि एनजीटी की रोक लगी होने के कारण गंगा नदी में कोई भी मूर्ति विसर्जन नहीं होने दिया जा रहा है। जो भक्त किसी कारण से ब्रजघाट तीर्थनगरी में पहुंच रहे हैं, उन्हें भी समझाकर श्मशान घाट के पास बनाए हुए वैकल्पिक तालाब के साथ ही गांव दौताई और अठसैनी के पास मध्य गंग नहर में बनाए हुए मूर्ति विसर्जन स्थलों को भेजा जा रहा है। मूर्ति विसर्जन को बनाए हुए तीनों स्थानों पर सुरक्षा के साथ ही अन्य सुविधा भी मुहैया कराई हुई हैं।







