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हर-हर गंगे के जयकारों के साथ उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब

By:Robin Sharma

हापुड़। गंगा किनारे खादर के विशाल रेतीले मैदान में बसी तंबुओं की महानगरी में पड़ाव डाल चुके हजारों श्रद्धालु काम के तनाव से मुक्त होकर पूजा-अर्चना और मेले का भरपूर आंनद लेंगे। रविवार सुबह गंगा में हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान कर गंगा मां की पूजा-अर्चना की। कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले में जैसे-जैसे मुख्य स्नान का दिन निकट आ रहा है, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं के आगमन में तेजी आ रही है।

मेला स्थल में दिन-रात हर-हर गंगे के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इससे पौराणिक मेले में लगातार रौनक बढ़ती जा रही है। दिन ढलते ही संपर्क मार्गों सहित मेला स्थल पर रंग-बिरंगे बल्बों की अद्भुत छटा बिखरनी शुरू हो जाती है। दूर-दूर तक लगे तंबुओं के कारण गंगा मैया के रेतीले मैदान ने महानगरी रूप ले लिया है। कुछ दिनों पहले दिन छिपने के बाद लोग जहां जाने से डरते थे, वहां आज चारों ओर चहल-पहल है। मेले में पहुंचने वाला हर कोई श्रद्धालु अपनी मस्ती में दिखाई दे रहा है।

गंगा तट पर सुबह होते ही स्नानार्थियों का तांता लग जाता है, जिसका क्रम रात होने तक बदस्तूर चलता रहता है। शनिवार को भी गंगा किनारे पिछले दो दिन से डेरा डालकर रह रहे हजारों से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा स्नान किया गया।

वहीं मेले में कहीं ताश की बाजी लग रही है, तो कहीं दोस्तों की चौकड़ी जमी हैं। बच्चे बालू रेत में अठखेली कर रहे हैं। युवा वर्ग कुश्ती, कबड्डी, क्रिकेट, फुटबाल, वॉलीबाल जैसे खेलों में व्यस्त हैं। रात में शिविरों से रागनी और लोकगीतों से वातावरण जीवंत हो जाता है। श्रद्धालुओं की अटूट धार्मिक आस्था और विभिन्न धार्मिक मान्यताएं मेले में अनेकता में एकता के स्वरूप को उजागर कर रही हैं।

बैंडबाजों की धुन और लोकगीतों के बीच किया जा रहा गंगापूजन
मेला स्थल पर विभिन्न स्थानों पर बैंडबाजों की धुन गूंजने लगी है। विभिन्न प्रकार सौंदर्य प्रसाधनों और कृत्रिम आभूषणों से सजी संवरी महिलाएं लोकगीत गाते हुए गंगा पूजन कर रही हैं। मान्यता है कि संतान प्राप्ति सहित अपनी मनोकामना पूरी होने पर दंपती मेले में आकर गंगा पूजन और चतुर्दशी को बच्चों का मुंडन संस्कार कराते हैं।

भंडारों में गरीबों और निराश्रितों को खिलाया जा रहा भोजन
मेरठ प्रांत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने धर्म  जागरण समन्वय विभाग के तत्वावधान में गंगा सेवा शिविर लगाया हुआ है।और भी विभिन्न स्थानों पर अखंड भंडारे चल रहे हैं। जिनमें गरीबों और निराश्रितों को दोनों समय नि:शुल्क भोजन कराया जा रहा है।

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